लखनऊ: जनसुनवाई की मॉनिटरिंग के लिए सीएम योगी ने वीडियो लिंक से कड़े निर्देश जारी किए
Lucknow: CM Yogi issued strict instructions
लखनऊ: प्रदेश में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक कार्यदिवस पर जिले में जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने-अपने कार्यालयों में बैठकर जनसुनवाई करेंगे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में फरियादी राजधानी लखनऊ पहुंच रहे हैं, जिससे संकेत मिल रहा है कि जिला स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में उम्मीद के मुताबिक तत्परता नहीं दिखाई जा रही है।
इसी लापरवाही को रोकने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने अब जिलों में जनसुनवाई की सीधी मॉनिटरिंग का निर्णय लिया है। जनसुनवाई के निर्धारित समय में अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे कार्यालय में उपस्थित रहकर शिकायतों की सुनवाई कर रहे हैं।
पिछले सोमवार को राजधानी में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को नियमित जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद की ओर से सभी डीएम, एसएसपी और पुलिस आयुक्तों को पत्र भेजकर साफ किया गया है कि जनता दर्शन और जनसुनवाई के मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी
पत्र में कहा गया है कि तहसील दिवस, थाना दिवस और पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को छोड़कर सभी पुलिस कमिश्नर, डीएम और एसपी/एसएसपी को सुबह 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहना अनिवार्य होगा।
ऐसे होगी मॉनिटरिंग
- अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का लिंक सीएम कार्यालय से भेजा जाएगा। संबंधित अधिकारी को अपने कार्यालय में उपलब्ध कंप्यूटर के माध्यम से ही जुड़ना होगा। मोबाइल फोन या किसी अन्य स्थान से जुड़ने की अनुमति नहीं होगी।
- साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का लिंक या पासवर्ड किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जाएगा। कैमरे की स्थिति इस प्रकार रखी जाएगी कि जनसुनवाई की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से दिखाई दे। स्क्रीन पर संबंधित अधिकारी का नाम और पद भी साफ प्रदर्शित होना अनिवार्य रहेगा।
- लाइव मॉनिटरिंग के दौरान सीएम कार्यालय किसी भी शिकायतकर्ता से सीधे बातचीत कर सकता है और उसका फीडबैक ले सकता है। इस पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी, ताकि जनसुनवाई व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे।